http://newjobsalerts99.blogspot.com/

07 February 2016

उपसर्ग [Prefix] के प्रकार।

उपसर्ग [Prefix] किसे कहते है। और उपसर्ग के प्रकार।
जो शब्दांश शब्द से पहले लगकर उसके अर्थ को बदल देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं । जैसे -
स्व – तंत्र = स्वतंत्र निर् – बल = निर्बल
स – पूत = सपूत सु – कुमार = सुकुमार
हिन्दी में तीन प्रकार के उपसर्ग प्रचलित हैं -
1. संस्कृत के उपसर्ग जैसे – प्र, परा
2. हिन्दी के उपसर्ग जैसे – अध, नि
3. उर्दू – फारसी के उपसर्ग – बे, हर ।
1. संस्कृत के उपसर्ग
उपसर्ग अर्थ उपसर्ग के मेल से बने शब्द
अ नहीं, अभाव अधर्म, अज्ञान, अनाथ, अविद्या
अनु समान, पीछे अनुरूप, अनुज, अनुचर, अनुकरण
अव बुरा, हीन अवनति, अवगुण, अवशेष
अति अधिक अत्यधिक, अत्युत्तम, अत्यंत
अप बुरा अपयश, अपमान, अपशब्द
अन् अभाव अनादि, अनंत, अनेक, अनिच्छा
आ तक, लेकर आजीवन, आजन्म, आमरण
उप छोटा उपमंत्री, उपनाम, उपवन
उत् ऊपर, श्रेष्ठ उन्नति, उत्कर्ष, उत्कृष्ट
कु बुरा कुमति, कुसग, कुपुत्र
सु अच्छा सुपुत्र, सुराज्य, सुगंध
स्व अपना स्वराज्य, स्वदेश, स्वतंत्र
दुस् बुरा दुस्साहस, दुष्कर्म, दुश्चरित्र
दुर् बुरा, कठिन दुर्बल, दुर्गम, दुर्दशा
प्रति हर एक, उल्टा प्रतिकूल, प्रतिदिन, प्रतिहिंसा
सम् अच्छा, सहित संगति, संजय, सम्मान
2. हिन्दी के उपसर्ग
अ अभाव, निषेध अछूत, अभागा, अजान
अन आधा अनपढ़, अनबल, अनमोल
अध आधा अधपका, अधमरा, अधखिला
क, कु बुरा कपूत, कुचाल, कुढंग
स अच्छा सपूत, सपरिवार
भर पूरा भरपेट, भरपूर
3. उर्दू-फारसी के उपसर्ग
बे बुरा, अभाव बेवफा, बेसमझ, बेईमान
बद बुरा बदनाम, बदसूरत, बदबू
ना नहीं, अभाव नाकाम, नालायक, नापसंद
हर प्रत्येक हर रोज, हर वक्त, हर एक
कम थोड़ा कमअक्ल, कमबख्त, कमजोर
www.newjobsalerts.com

0 comments: